" बिटिया का विवाह कॅरोना में "
मिश्रा जी की बिटिया सयानी हो गई थी । साल दो साल बाद विवाह करने का सोचा हुआ है। तब तक उसकी पढ़ाई पूरी हो जायेगी। जेवर आदि बन जाएंगे। 24 की हो चुकी है। ननिहाल ददिहाल में सबसे बड़ी लड़की है। तो सबकी निगाह उसी के विवाह पर है। सब इस तैयारी में है कि जल्द से जल्द उनकी इस पीढ़ी का विवाह आरम्भ हो। मामाओं ने भी भात की तैयारी कर रखी है। मौसियां कह रही है हम भी सगाई में जाएंगे। सारी मौसियां लहंगा पहनेंगी। बहनों ने कहा है कि वो एक दिन में तीन ड्रेस बदलेंगे। लड़को ने अलग। ऐसे गीत होंगे । डी. जे. बजेगा, कहाँ शादी करेंगे अलग अलग सपने सभी ने सँजोये हुये है।
ऐसे में कॅरोना जैसी बीमारी का आगाज़ हो गया। सभी जगह लोक डाउन हो गया। सड़क पर ट्रैफिक बन्द हो गया। बैंक्वेट हाल बन्द हो गए है। रेस्टोरेंट , सार्वजनिक स्थल, माल सभी बन्द हो गए है। सभी विवाह जो तय थे सभी रद्द हो गए है। हज़ारों दूल्हा दुल्हन विवाह के बंधन में बंधने से रह गए है। मंदिरों के कपाट बंद हो गए है। लोग एक दूसरे से मिलना बंद हो गए है। इसे सोशल डिस्टेंस कहा जा रहा है। बॉर्डर सील हो गए है। कुछ जिलों में आर्डर आया है कि 5 से ज्यादा व्यक्ति विवाह में सम्मलित नही होंगे। कोई फोटोग्राफी नही होगी। कोई खाने पीने का इंतज़ाम नही होगा। कोई नाच गाना नही होगा।
मिश्रा जी की पत्नी बहुत उदास हो गई कि अब क्या होगा बता रहे है ये माहौल लम्बा चलेगा। फिर क्या उनकी किटी पार्टियां अब नही होंगी ,कितने दिन हो गए किसी पार्टी में गए हुये। अपने ये साड़ियों के ढेर अब कब निकलेंगे। हम अपने फ्रेंड्स से क्या पहले की तरह बातें नही कर पाएंगे। वो गोल गप्पे का स्वाद , चाट पकोडिया, व्यंजन क्या अब शादियों के नजारे अब नही मिलेंगे। क्या फायदा ऐसी शादियों का पार्टी का जहा हजूम न हो शोर न हो , हंसी मजाक न हो।
मिश्रा जी ने बताया अब जो विवाह के मंगल गीत गाए जाते है। अब वो सब रिश्तेदार अपने ही घरों मे कंप्यूटर पर एप पर ही इकट्ठे हो जाएंगे। अपने अपने घरों में ही पकवान बनाएंगे फिर वो रात को एक साथ इस एप पर बैठकर वो मंगल गीत गायेंगे। उसी में छेड़छाड़ भी हो जाएगी। फिर सभी अपना अपना भोजन निकालकर प्लेटो में खाएंगे। उसी के सामने बैठ कर एन्जॉय करेंगे। और गीतों पर डांस भी करेंगे। विवाह में सिर्फ घर वाले भी मुश्किल से ही होंगे।
आने वाले सभी पर्व सोशल डिस्टेंस की वजह से घर मे बैठकर ही मनाये जाएंगे। अब ब्यूटी पार्लर जाने से भी परहेज होगा। शादी के बाद हनीमून जैसी बातें भी अब इतिहास हो जाएंगी। सब रस्मे अब साली जीजा के जूता चुराई रस्म भी अब सिर्फ इतिहास हो जायेगी।
मिश्रानी गुस्से में उठी और बड़बड़ाई बेड़ा गर्क हो इन छोटी आंखों वालो का, खुद तो खुद छोड़ते नही अपना खाने से और हमारा सब बन्द करवा दिया। आग लगे इन चीनियों को।और कहते हुई कमरे से उठ कर चली गई किचेन में जो अभी अभी यू ट्यूब पर रसगुल्ले बनाने की जो विधि देखी थी। भाड़ में जाये, हम तो अपने रसगुल्ले खाएंगे। हूँ..
मनोज शर्मा "मन"
sunder kahani
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