Sunday, 18 October 2020

 हर्बल दवाइयों वाली भाभी

शर्मा जी के मित्र है रमेश जी। उनका फोन आया कि उन्हें कोरोना पोसिटिव हो गया है तथा श्रीमती जी को भी हो गया है। वो तो ठीक ठाक है पर श्रीमती जी का निमोनिया बिगड़ गया है।तो उन्हें गैलेक्सी नर्सिंग होम में दाखिल कराया है। कुछ दिन पहले उनके पार्टनर सुरेश को भी कोरोना पॉजिटिव होने पर इसी नर्सिंग होम में दाखिल कराया था। तो वो ठीक हो गये थे। और यहां इलाज बजट में भी रहा।
पर शर्मा जी हैरान थे क्योंकि करीब दस वर्ष पहले शर्मा जी का इनके घर जाना हुआ था। तो चूंकि रमेश जी नहा रहे थे। तो भाभीजी चाय लेक्ट आई थी। और बाते शुरू हो गई। शर्मा जी का वजन तब ज्यादा बढ़ा हुआ था। तो भाभी जी ने बताया कि आप हर्बल दवाइयां ले जिससे आपका स्वास्थ्य सही रहेगा। एक मशीन से उन्होंने चेक भी किया तो वो मशीन शर्मा जी की उम्र 57 बता रही थी। तब भाभीजी ने बताया कि आपकीं असली उम्र और शरीर की उम्र अलग अलग हो सकती है। जैसे कोई गाड़ी कमर्शियल चल रही है या घरेलू। ऐसे ही आप ध्यान, अपनी नींद, भोजन, प्रोटीन, विटामिन, व्यायाम डॉक्टरी सलाह समय समय पर ले रहे है कि नही ये इस पर निर्भर करता है।
तो उन्होंने शर्मा जी को कुछ सलाह भी दी कुछ दवाइयां और पीने के लिये हर्बल चाय भी। कुछ महंगी थी। शर्मा जी ने अपनी श्रीमती को वो चाय दी कि कल से ये पीयेंगे। फिर कुछ दिनों बाद फोन आया कि दवाइयों का असर कैसा हो रहा है शर्मा जी ने अच्छा बताया। उन्होंने और दवाइयां भेज दी। पर शर्मा जी का खानपान और व्यायाम नियमित न होने की वजह से उन दवाइयों का कोई असर नही हो रहा था। और दवाइयों का खर्चा फालतू लग रहा था।
उसके बाद भाभी जी का कई बार फोन आया । शर्मा जी ने ध्यान ही नही दिया। फिर फोन आने बंद हो गए। आज शर्मा जी को सुनकर आश्चर्य हुआ कि ये भाभी जी जो अपना काफी ध्यान रखती है। हर्बल दवाइया भी लेती है। आज वो सीरियस कंडीशन में है। और रमेश जी ने बताया अभी दस दिन बाद बिटिया की शादी भी है। सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई। घर की हेड आपको पता है पत्नी होती है हमे तो ये भी नही पता कि तौलिया कहां रखा है कच्छे बनियान मांगने पड़ते है। अब सब गीत , मेहमान, सगुन, कार्ड सब धरा ही रह गया है। खुशियां समाप्त हो गई है । शर्मा जी एक दम जड़ हो गये। की सही बात है माँ ही बीमार हो जाये तो आरता कौन करेगा। मेहमानों को कौन संभालेगा। कपड़ो की खरीदारी। और बीमारी भी ऐसी जिसमे उनसे मिला भी नही जा सकता न घर मे रखा जा सकता है। शर्मा जी की और रमेश जी की बाते चली जा रही थी।
फिर शर्मा जी ने पूछा फिर अब कैसे होगा। उन्होंने बताया लड़के वाले बहुत ही अच्छे है अब शादी वाले दिन हमारे घर से 4 आदमी और उनके घर से 4 आदमी इस्कॉन मंदिर जाएंगे और विवाह की रस्म पूरी कर ली जाएगी। और बाद में जब सब सामान्य हो जाएगा। दोनो परिवार मिलकर बड़ी पार्टी कर लेंगे जिसमे सभी को आमंत्रित किया जाएगा। और कहते कहते वो भावुक हो गए। शर्मा जी उन्हें होंसला दे रहे थे की भाभी जी जल्दी स्वस्थ हो जाएंगी। चिंता न करे। उनके लायक कोई काम हो तो बेहिचक बताये।
तीन दिन बाद पता चला कि भाभी जी की तबियत ज्यादा खराब हो गई है। गैलेक्सी वालो ने हाथ खड़े कर दिए है उन्हें मैक्स में रेफर कर दिया गया है। यानी तबियत ज्यादा खराब।
अब जिस घर मे गीत होने थे। शहनाइयां बजनी थी। मेहंदी संगीत होना था। खुशियां मनाई जानी थी। कपड़े खरीदे जाने थे। हंसी ठट्टा होना था। रूसना मनाना होना था। सबकी जगह अब सूनापन छा गया था। एम्बुलेंस आ चुकी थी। जो उन्हें मैक्स में शिफ्ट करने के लिये ले जा रही थी।
हर्बल दवाइयों वाली भाभी जी जो सबका ख्याल रखती थी। आज ऐसी बीमारी से पीड़ित हो गई जिसमें उनसे डॉक्टर के अलावा कोई नही मिल सकता था। शर्मा जी बहुत दुखी थे वो परमात्मा से दुआ कर रहे थे।कि भाभी जी जल्दी ठीक हो जाये ताकि शादी वाले घर मे वोही शादी वाली रौनक लौट सके।
मनोज शर्मा "मन"

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